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कब्जाधारी नगर निगम पर पड़ा भारी, जमीन कब्जामुक्त कराने में नगर निगम अधिकारी कर रहे हीलाहवाली - UP SANDESH

कानपुर 12 मई 2018 (विशाल तिवारी/अमित राजपूत) सूबे के मुखिया प्रदेश में अवैध कब्जे हटाने की बात कर रहे हैं लेकिन कानपुर प्रशासन अपनी ही जमीन को कब्ज़ा मुक्त करवाने में फेल साबित होता नजर आ रहा है। शहर का एक कब्जाधारी ​नगर निगम पर भारी पड़ रहा है। कब्जाधारी चौक सराफा के तिलक पार्क में अवैध तरीके से कब्जा कर कबूतर खाना खोल कर कबूतरों की खरीद-फरोख्त कर रहा है। स्थानीय नागरिक की शिकायत पर जिलाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए थे लेकिन संबधित अधिकारियों ने जिलाधिकारी के आदेश को ठेंगे पर रखते हुए गलत और झूठी आख्या लगा दी थी। जिला अधिकारी एवं उद्यान अधिकारी ने पार्क को कब्जा मुक्त कराने का आश्वासन दिया था, बावजूद इसके अभी तक नगर निगम पार्क को कब्जा मुक्त नहीं करा पाया है।



कानपुर के चौक सराफा बाजार में स्थानीय निवासी ने निगम के तिलक पार्क में अवैध कब्ज़ा कर पक्का निर्माण करके कबूतर बाड़ा बना लिया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार कबूतर बाड़े की आड़ में पार्क में चरस गांजा का सेवन किया जा रहा है और अवैध तरीके से कबूतरों की खरीद फरोख्त का कार्य​ किया जा रहा है। स्थानीय नागरिक शैलेन्द्र सिंह ने IGRS के माध्यम से इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। जिस पर जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने तत्कालीन नगर आयुक्त अविनाश सिंह को जांच के आदेश दिए थे लेकिन नगर आयुक्त ने मामले की जांच उधान अधिकारी एम० पी० सिंह को सौप दी थी। वही  एम० पी० सिंह ने पार्क का निरीक्षण किये बगैर ही गलत जांच आख्या जिलाधिकारी को भेज दी थी। शैलेन्द्र ने आरोप लगाया कि शिकायत का रिमाइंडर कराने पर उधान अधिकारी ने शैलेन्द्र को धमकी भी दी।



वही इस मामले में उद्यान अधिकारी एम० पी० सिंह ने बताया कि वे मौके पर नही गए थे, उन्होंने माली के कहे अनुसार जांच आख्या लगाई है। जिलाधिकारी व उद्यान अधिकारी को आश्वासन दिए तक़रीबन 72 घंटे बीत गये हैं लेकिन अभी तक नगर निगम अपनी जमीन को कब्जामुक्त नहीं कर पाया है। कब्जामुक्त कराने की बात तो दूर रही अभी तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी पार्क का निरीक्षण करने तक नहीं गया है। अधिकारियों की हीलाहवाली ने कई सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।



1. नगर निगम आखिर अपनी ही जमीन को कब्जा मुक्त कराने में हिलाहवाली क्यों कर रहा है..?


2. क्या कब्जाधारी को नगर निगम अधिकारीयों का संरक्षण प्राप्त है..?


3. उद्यान अधिकारी ने बगैर निरीक्षण किए  जिला अधिकारी को गलत आख्या क्यों प्रेषित की..?

4. क्या नगर निगम अपनी जमीन कब्जामुक्त करा पायेगा..?

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