बाराजोड़ टोल प्रकरण: सिविल बार एसोसिएशन ने गठित की एक्शन कोर कमेटी
कानपुर देहात 10 अप्रैल 2018 (अमित राजपूत) सिविल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 पर स्थापित टोल संग्रहण प्लाजा जनता से न सिर्फ छल कपट से अवैध, अनाधिकृत जबरियाँ धन वसूलने की नियत से अनाधिकृत स्थान पर स्थापित है बल्कि देश के कानून व उच्च न्यायालय व उच्चतम न्यायालय के द्वारा जारी उन बाध्यकारी आदेशों के खिलाफ है। जिसमे किसी भी स्थिति में किसी भी नदी, झरना, तालाब, कुंआ या जल प्रपात को अवरुद्ध करने से रोकता है। यह बात आज बारा टोल प्लाजा की अवैध अवस्थित व अवैध वसूली पर कारगर कदम उठाने हेतु सिविल बार एसोसिएशन की पहल पर अधिवक्ताओ की गठित पाच सदस्यीय कोर कमेटी द्वारा जनपद न्यायालय परिसर में की गई।
प्रेस वार्ता में सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान ने वार्ता के दौरान बताया टोल प्लाजा जिस स्थान पर स्थापित है। वह टोल स्थान से गुजर रही नोन नदी के प्रवाह मार्ग को अवरुद्ध कर स्थापित किया गया है। जितेन्द्र चौहान ने कहा कि टोल की विधि विरुद्ध स्थापना व उसकी राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 25 व कानपुर इलाहाबाद, कानपुर लखनऊ बाईपास पुल का बिना इस्तेमाल किये टोल कर वसूली में प्रशासन की मौन स्वीकृति दर्शाती है कि ऎसी स्थिति में उपरोक्त टोल को वर्तमान स्थान से तत्काल हटाने व अवैध वसूली से रोकने की विधिक सक्षम कार्यवाही हेतु अधिवक्ताओ की पांच सदस्यीय कोर समिति का आज गठन किया गया। जिसमें सिविल बार अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान, जिला बार महामन्त्री मुलायम सिंह, एकीकृत बार महामन्त्री शशिभूषण सिंह चौहान, एकीकृत बार के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामदेव सिंह व जिला अधिवक्ता संघर्ष समिति के संयोजक सहज सिंह सिसोदिया रहे। समिति में सर्व सम्मत से निर्णय लिया गया कि उपरोक्त टोल को तत्काल प्रभाव से अवैध स्थान से न हटने तक तत्काल प्रभाव से अवैध टोल वसूली रोकने व नदी मार्ग के प्रवाह को पुनः चालू कराने के लिए जिलाधिकारी को अनुरोध पत्र लिखने की बात तय हुई और कार्यवाही होने तक विधिक जनांदोलन से लेकर दोषी लोगो के विरुध्द प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्ययोजना तय हुई।


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